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AIIMS जम्मू ने की ऐतिहासिक HIPEC सर्जरी, कैंसर मरीजों को मिली नई उम्मीद

AIIMS जम्मू ने की ऐतिहासिक HIPEC सर्जरी, कैंसर मरीजों को मिली नई उम्मीद


जम्मू: क्षेत्र में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए AIIMS Jammu के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने सफलतापूर्वक दो उन्नत HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) सर्जरी को अंजाम दिया है। यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में जटिल कैंसर सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। खास बात यह है कि वर्तमान में यह क्षेत्र का एकमात्र सरकारी केंद्र है जहां HIPEC सुविधा उपलब्ध है।

डोडा और मुठी (जम्मू) के दो मरीजों पर की गई ये सर्जरी सफल रही और दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अब उन्होंने आगे के उपचार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह उपलब्धि सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्यधिक विशेषज्ञता और संसाधनों वाले इलाज की उपलब्धता को दर्शाती है।

इन सर्जरी का नेतृत्व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर Dr. Paras Khanna ने किया। वहीं ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर Dr. Raksha Kundal और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

डॉ. परस खन्ना ने बताया कि HIPEC एक उन्नत उपचार पद्धति है, जिसका उपयोग उन पेट संबंधी कैंसरों में किया जाता है जो पेट की झिल्ली (पेरिटोनियल कैविटी) में फैल जाते हैं। इसमें ओवरी, कोलोरेक्टल, गैस्ट्रिक और अपेंडिक्स से जुड़े कैंसर शामिल हैं।

यह प्रक्रिया आमतौर पर एक ही सर्जरी में दो चरणों में पूरी की जाती है:
पहला चरण – साइटोरेडक्टिव सर्जरी (CRS): इसमें डॉक्टर पेट के अंदर मौजूद सभी दिखाई देने वाले ट्यूमर को हटाते हैं।
दूसरा चरण – हीटेड कीमोथेरेपी: इसके बाद 60 से 90 मिनट तक गर्म कीमोथेरेपी दवा को पेट के अंदर प्रवाहित किया जाता है, जिससे दवा का असर बढ़ता है और साइड इफेक्ट कम होते हैं।

पारंपरिक कीमोथेरेपी के मुकाबले HIPEC में दवा सीधे प्रभावित हिस्से तक पहुंचती है, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं।

HIPEC सर्जरी बेहद जटिल और लंबी होती है, जिसके लिए सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर और नर्सिंग टीम के बीच बेहतरीन तालमेल जरूरी होता है। इन सफल सर्जरी ने AIIMS जम्मू की मल्टी-डिसिप्लिनरी क्षमता को साबित किया है।

अब तक जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को इस तरह के इलाज के लिए बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। लेकिन अब AIIMS जम्मू में यह सुविधा मिलने से:

उन्नत कैंसर उपचार तक आसान पहुंच

राज्य से बाहर जाने की जरूरत में कमी

गरीब मरीजों को आर्थिक राहत

उत्तर भारत में कैंसर सेवाओं को मजबूती


एनेस्थीसिया विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर और कार्यवाहक प्रमुख Dr. Sunaina Gupta ने बताया कि सर्जरी से पहले की तैयारी और ऑपरेशन के बाद की क्रिटिकल केयर ने इन जटिल प्रक्रियाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

वहीं, AIIMS जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ Dr. D. N. Sharma ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि HIPEC हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता और इसके लिए सही मरीज का चयन बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की उन्नत सर्जरी का सफलतापूर्वक किया जाना यह दर्शाता है कि AIIMS जम्मू अब जटिल कैंसर मामलों के लिए एक प्रमुख रेफरल सेंटर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

AIIMS जम्मू की यह सफलता न केवल क्षेत्र के मरीजों के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह संकेत भी है कि अब अत्याधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएं उनके घर के करीब ही उपलब्ध हो रही हैं।
By: Banti Kumar
Reporter – Headline Plus News

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