लद्दाख के प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने जेल से बाहर आने के बाद एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह या तो अदालत में जीतकर बाहर आने वाले थे या फिर पूरे 12 महीने जेल में बिताने के लिए तैयार थे।
उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह तैयार था कि अगर जरूरत पड़ी तो 12 महीने जेल में रहूं और बाहर आकर पूरी ‘हॉरर स्टोरी’ देश के सामने रखूं।”
अचानक गिरफ्तारी और मुश्किल हालात
वांगचुक ने आरोप लगाया कि उन्हें अचानक उनके घर से उठाकर जेल में डाल दिया गया। उन्होंने बताया कि कई दिनों तक उन्हें अपने परिवार और वकीलों से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे हालात और भी कठिन हो गए।
पत्नी को भी किया गया अलग
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी Geetanjali J Angmo को भी पत्रकारों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे कैंपस के बाहर भारी सुरक्षा तैनात थी, जिससे किसी भी तरह की जानकारी बाहर न जा सके।
इसके बावजूद, उनकी पत्नी चुपचाप दिल्ली पहुंचीं और अदालत का दरवाजा खटखटाया।
‘कैट एंड माउस चेज़’ जैसा माहौल
वांगचुक ने बताया कि कई हफ्तों तक दिल्ली की सड़कों पर हालात “कैट एंड माउस चेज़” जैसे बने रहे। उनकी गाड़ियों का पीछा कारों और मोटरसाइकिलों द्वारा किया जाता रहा, जिससे पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था।
उन्होंने यह भी कहा कि वकीलों तक कोई संदेश पहुंचाना भी बेहद मुश्किल बना दिया गया था।
जेल स्टाफ की तारीफ
हालांकि, इन सभी आरोपों के बीच वांगचुक ने जेल के अंदर के स्टाफ और अन्य लोगों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर के लोग बेहद ईमानदार (upright) और दयालु (kind) थे।
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(Headline Plus News के लिए विशेष रिपोर्ट)
By: Banti Kumar
Reporter – Headline Plus News
Location: Samba
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