बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाएं, ट्रैफिक प्रबंधन, परिवहन, अग्निशमन सेवाएं, पर्यटन प्रचार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मेले से पूर्व सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था एवं सुचारु ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) को मंदिर एवं मेला स्थल तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत एवं सुधार कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया।
जल शक्ति विभाग को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने और अतिरिक्त पानी के प्वाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए गए, जबकि बिजली विभाग को मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को मौके पर 24 घंटे डॉक्टरों, एम्बुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा संबंधित नगर समितियों को मेला स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने, पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती तथा मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, परिवहन विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
पर्यटन विभाग को श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन हेतु प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स, साइन बोर्ड लगाने, सौंदर्यीकरण और मेले के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त आयुषी सूदन ने कहा कि बाबा चमलियाल मेला और बाबा सिद्ध गोरिया जी मेला क्षेत्र की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और प्रशासन श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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